स्मार्ट मीटर यूजर्स के लिए चेतावनी! इस बात का ध्यान नहीं दिया तो भरना पड़ेगा भारी जुर्माना

Smart Prepaid Meter

स्मार्ट मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली के उपभोग के दौरान लोड पर नज़र रखना बहुत ज़रूरी है, ताकि उन्हें सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके। यदि उपभोक्ता इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं, तो उन्हें भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। यह जुर्माना अतिरिक्त मांग चार्ज के रूप में लिया जाएगा, जिसमें प्रति अतिरिक्त किलोवाट के अनुसार शुल्क और पेनल्टी दोनों शामिल होंगे। यह राशि अगले महीने के बिजली बिल में जोड़ दी जाएगी और आपके प्रीपेड बैलेंस से स्वतः कट जाएगी।

स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने वाले घरों की बिजली भी विभाग द्वारा तुरंत काटने में कोई देरी नहीं की जा रही है। नालंदा जिले के बिंद प्रखंड के जहाना पंचायत के रामपुरबिगहा में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया। इसके परिणामस्वरूप, बिजली विभाग ने लगभग 90 घरों की बिजली काट दी।

पीक लोड की गणना पूरे महीने में किसी एक समय में अधिकतम खपत के आधार पर की जाती है। हर महीने बिल तैयार होने के बाद, जुर्माने की राशि शेष राशि से काट ली जाएगी। इस प्रकार, उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक रहना चाहिए और लोड का सही प्रबंधन करना चाहिए।

और देखो : शादी करने वालों के लिए खुशखबरी! सरकार हर खाते में देगी 2.50 लाख रुपये

नये कनेक्शन पर छह महीने तक छूट

नये कनेक्शन पर पहले छह माह तक छूट की जानकारी देते हुए पूर्वी के अधीक्षण अभियंता मनीष कांत ने बताया कि उपभोक्ता का डिमांड हर आधे घंटे पर रिकॉर्ड किया जाता है। महीने में किसी भी दिन के आधे घंटे के दौरान उपभोग की गई अधिकतम बिजली को उनका पीक लोड माना जाता है।

उपभोक्ताओं को डिमांड निर्धारित करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि उपभोक्ता का डिमांड दो किलोवाट है, तो उन्हें उसी हिसाब से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, यदि लोड बढ़ता है, तो उपभोक्ताओं को SMS के माध्यम से सूचित किया जाता है। इच्छुक उपभोक्ता सुविधा एप के जरिए अपने घर का लोड घटा या बढ़ा सकते हैं।

इस प्रकार, नये कनेक्शन पर उपभोक्ताओं को पहले छह माह तक छूट का लाभ मिलता है, जिससे वे अपने बिजली के उपभोग को सही तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी स्मार्ट मीटर यूजर्स के लिए

क्या कहते हैं अधिकारी के संदर्भ में कनीय विद्युत अभियंता कुमारी स्वेता सिन्हा ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से उन्हें सूचित किया गया है कि उनके क्षेत्र में किसी भी ग्रामीण द्वारा विद्युत विच्छेद की सूचना नहीं दी गई है।

वहीं, सहायक अभियंता नितेश कुमार ने कहा कि इस मामले के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस प्रकार, अधिकारी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि विद्युत विच्छेद की कोई शिकायत नहीं मिली है, जिससे यह संकेत मिलता है कि समस्या के समाधान के लिए और जानकारी की आवश्यकता हो सकती है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *